बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर गिरी गाज, आपका नाम भी हो सकता है शामिल
बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। राज्य में करीब 50 हजार ड्राइविंग लाइसेंस रद्द या निलंबित हो सकते हैं। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि बार-बार नियमों की अनदेखी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। इसे लेकर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। पुलिस और यातायात विभाग से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर राज्य भर में 50 हजार से अधिक मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर अनुशासन स्थापित करना और लगातार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर प्रभावी नियंत्रण लगाना है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उनके पास ऐसे चालकों की पूरी सूची उपलब्ध है, जिन्होंने पहले भी कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप करना, तेज रफ्तार में वाहन चलाना और गलत साइड से ड्राइविंग जैसे नियमों को लगातार नजरअंदाज करते रहे हैं। विभाग का कहना है कि कुछ चालक तो ट्रैफिक नियमों को मजाक समझने लगे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
इसी को देखते हुए अब परिवहन विभाग ने कड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है। बताया गया है कि लाइसेंस रद्द या निलंबित करने से पहले नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहनों के नंबर अखबारों में आम सूचना के रूप में प्रकाशित किए जाएंगे। इससे न सिर्फ संबंधित वाहन मालिकों और चालकों को नोटिस मिलेगा, बल्कि सार्वजनिक तौर पर उनकी पहचान भी उजागर होगी। विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से लोगों में डर पैदा होगा और वे नियमों का पालन करने के लिए मजबूर होंगे।
परिवहन विभाग के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे बड़े जिलों में सामने आया है। खासकर शहरी इलाकों में बिना हेलमेट बाइक चलाना, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट तोड़ना और रात में बिना लाइट के वाहन चलाना आम बात हो गई है। कई मामलों में एक ही वाहन चालक पर बार-बार चालान कटने के बावजूद व्यवहार में कोई सुधार नहीं देखा गया।
विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे खुद नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों में अभियान और तेज होगा तथा किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधे लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
Divya Singh